रायपुर - एक वर्ष तक निरंतर एक दिन के अंतराल में पारणा अर्थात अन्न ग्रहण करने की तपस्या का नाम है वर्षीतप। यह तपस्या जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव से संबंधित है। वर्षीतप धारक दो तपस्वीनी बहनों श्रीमती शांति देवी जी बैद जिनका 30 वां व श्रीमती मोहनमाला जी सिपानी जिनका 8 वां वर्षीतप गतिमान है का अभिनंदन करने का अवसर अग्रसेन धाम में तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम, रायपुर द्वारा आयोजित श्री कमल सेठिया प्रस्तुति भक्ति संध्या में करने का अवसर श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, तेरापंथ महिला मंडल, तेरापंथ युवक परिषद्, तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम व अणुव्रत समिति, रायपुर को प्राप्त हुआ। दोनों तपस्वीनी बहने अपना पारणा अक्षय तृतीया के शुभ दिन जैन तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य श्री महाश्रमण जी की सन्निधि में औरंगाबाद में करेंगी।
समारोह का संचालन वीरेंद्र डागा, मंगलाचरण कलश नाहर व तप अभिनंदन गीतिका मधुर बच्छावत व प्रमिला भंसाली द्वारा प्रस्तुत की गई।
17 Aug 2026