रायपुर - भारतीय जैन संघठना के मीडिया प्रभारी ने विज्ञप्ति जारी कर बताया की ग्राम परसदा-४ में भी छत्तीसगढ़ सकल जैन समाज जल क्रांति अभियान का शुभारंभ किया गया।
ग्राम बरबंदा और ग्राम कोलर में तालाब पुनर्जीवन कार्य आरंभ होने के बाद अब ग्राम परसदा में जल क्रांति मिशन का विस्तार , ग्राम परसदा में होगा आज से तालाब पुनर्जीवन कार्य प्रारम्भ हुआ।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तालाबों की डिसिल्टिंग (गाद निकालना) कर उनकी जल संग्रहण क्षमता को बढ़ाना है। बारिश के पानी के साथ तालाबों में बह कर आने वाली मिट्टी और गाद तालाबों को उथला बना देती है, जिससे उनकी जल संग्रहण क्षमता घट जाती है और वे गर्मियों की शुरुआत में ही सूखने लगते हैं। इससे गांव में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
भारतीय जैन संगठना (BJS) ने जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों, पानी समिति और किसानों के साथ मिलकर गांवों में जलाशयों के पुनर्जीवन के लिए सामुदायिक भागीदारी के साथ काम कर रही है। यह संगठन जागरूकता लाने के लिए कार्य करता है, जिसमे हम तालाब से निकले जाने वाले गाद (मिटटी) की उपयोगिता बताते हुए गांव के किसान कृषि कार्य में उपयोग में लाने के लिए उन्हें प्रेरित करते है | और हम ग्राम पंचायत के माध्यम से इस गाद को ले जाने के लिए एक डिमांड फॉर्म भर के लिया जाता है।
ग्राम पंचायत से सिल्ट (मिटटी ) की मांग उत्पन्न होने से, समुदायों और किसानों को अपने खर्चे से उपजाऊ गाद को अपने खेतों में ले जाने के लिए प्रेरित करते है। जलाशयों की पानी संचय क्षमता बढ़ने और भूजल लेवल में सुधार होने से गांव में अधिक पानी उपलब्ध होता है, जबकि उपजाऊ गाद को खेतों में फैलाने से किसानों की फसल उत्पादन और आय में वृद्धि होगी।
BJS नीति आयोग के जल विज़न 2035 पर विशेषज्ञ पैनल का सदस्य है।
BJS के सूखा मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुवात पिछले वर्ष की गई, जिसके तहत इस वर्ष पहले चरण में राज्य के 6 जिलों में लगभग 20 जलस्त्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन कार्य किया जा रहा है।
इस प्रक्रिया में तालाबों और बाकी जलस्त्रोतों से गाद निकालकर इनका पुनर्जीवन कार्य किया जा रहा है और निकले हुए गाद किसानों को निःशुल्क दिए जा रहे है, जिससे उन्हें खेती में भी फायदा पहुंचेगा। जिसमें रायपुर जिले के चार तालाब शामिल हैं। आज ग्राम परसदा-४ मे एक और तालाब पुनर्जीवन कार्य का हुआ। इस पहल में भारतीय जैन संगठन को फ़ोर्स मोटर्स का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है।
कार्यक्रम की शुरुआत नवकार महामंत्र से की गई, जिसमें गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने भाग लिया।
रायपुर जिला अध्यक्ष श्री मानवेन्द्र दफ्तरी जी ने उपस्थित सभी मुख्य अतिथिओ का स्वागत किया एवं कार्यक्रम में गांव के सभी उपस्थित जनो से जनभागीदारी की अपील की और BJS वाटर मिशन के पूरे प्रोजेक्ट की जानकारी देते हुए BJS के पूर्व कार्यों पर प्रकाश डाला और पानी की महत्वता व तालाब पुनर्जीवन की उपयोगिता पर विशेष जानकारी दी, जिसमें तालाब की जल संग्रह क्षमता बढ़ने, कुओं और बोरिंग में जल स्तर बनाए रखने, और गाद के खेतों में डालने से उर्वरकता बढ़ने के लाभ शामिल है।
कार्यक्रम में जेसीबी मशीन का तिलक और नारियल पूजा कर कार्य प्रारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री अभय भंसाली कार्यकारी अध्यक्ष ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट रायपुर, श्री अनिल लोढ़ा वरिष्ट समाजसेवी, डॉ. हर्षित मिश्रा (परसदा वाले) डायरेक्टर वी केयर हॉस्पिटल रायपुर, BJS राज्य अध्यक्ष श्री मनोज लुंकड, जिलाध्यक्ष श्री मानवेंद्र दफ्तरी, जिला महा सचिव श्री चित्रांक चोपड़ा, श्री राजकुमार शाह, ताराचंद पारख, श्री प्रदीप सांखला, श्री रोमिल छाजेड़, श्री नमन लोढ़ा, श्री राजेंद्र पारख और सरपंच श्रीमती पूर्णिमा हुलास साहू, उपसरपंच श्री कोमल प्रसाद साहू एवम् ग्रामवासी उपस्थित रहे।
BJS का यह प्रयास जल संरक्षण और कृषि सुधार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न केवल जल की उपलब्धता में वृद्धि होती है बल्कि किसानों की आय में भी सुधार होता है।
17 Aug 2026