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समाजसेवा के यज्ञ में सतत चार दशकों से आहूति दे रहे अजय मधुकर काले

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सपने, जो सोने नहीं देते... अजय काले (16 अगस्त 1968 जन्म)

रायपुर - वरिष्ठ समाजसेवी और महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष अजय मधुकर काले किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वे दूरगामी योजनाएं बनाने और उन्हें उपलब्ध संसाधनों के साथ क्रियान्वित करने में दक्ष हैं। इस बीच लक्ष्य प्राप्ति में रुकावट डालने वाली बाधाओं को न्यूनतम समय में दूर करने में उन्हें महारत है हिंदी, अंग्रेजी, मराठी और छत्तीसगढ़ी भाषा पर असाधारण पकड़ की वजह से और कहीं भी और किसी भी स्तर पर अपनी टीम का नेतृत्व करने में वे समक्ष हैं। श्री काले आमजनों, खासकर युवा और महिलाओं को अपनी सेवाभावी और प्रगतिशील कार्यप्रणाली से प्रभावित करने और उन्हें अपने साथ जोड़े रखने में माहिर हैं। नया संगठन बनाना और उसे सफलता के साथ संचालित करना श्री काले की विशेषता है। वे मोटिवेशनल स्पीकर हैं और वे सभी के साथ, सभी के प्रयास और विश्वास के साथ समाजसेवा करने के लिए प्रतिदिन चौबीसों घंटे तत्पर रहते हैं। 

एक चर्चा में श्री अजय काले ने कहा था कि समाज कल्याण के लिए जो बीड़ा उन्होंने उठाया है, जो सपने उन्होंने देखे हैं, वे सपने उन्हें सोने नहीं देते। सामान्य कद-काठी के सांवले- सलोने इस महान समाजसेवी की उपलब्धियों को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है।


उपलब्धियां :-

1. 17 साल की उम्र में ही श्री काले ने वर्ष 1985 से सामाजिक कार्यों के लिए संकल्पित होकर तात्यापारा युवा संघ का गठन किया।

2. नेत्रदान का संकल्प लेकर तात्यापारा युवा संघ के माध्यम से एक क्षेत्र विशेष की सेवा कर श्री काले ने अपने समाजसेवी जीवन की न केवल शुरुआत की, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में जबरदस्त सफाई अभियान चलाकर चंद महीनों में ही अपनी पहचान भी बनाई।

3. पिछले साढ़े तीन दशकों में 66 मरीजों को रक्तदान कर उनके जीवन की रक्षा कर चुके हैं श्री काले। दूसरे रक्त समूह के खून के लिए भी कई बार उच्च स्तरीय प्रयास कर मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।


4. अजय काले ने अपने 54वें जन्मदिन पर देहदान का संकल्प पत्र एम्स को प्रस्तुत कर दिया।

5. 88 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय संस्था महाराष्ट्र मंडल में साल 1989 में दिव्यांग बालिकाओं की शिक्षा-दीक्षा, रहन-सहन और दिव्यागंता का उच्च स्तरीय उपचार करवाने जैसी जिम्मेदारियों का उन्होंने सफलतापूर्वक निर्वहन कर दिव्यांग बच्चियों को स्वावलंबी बनाया। इसके साथ ही चार दिव्यांग बच्चियों को पूर्ण शिक्षित और स्वावलंबी बनाकर विवाह कराया और महाराष्ट्र मंडल से ही उनकी विदाई करवाई।

6. श्री अजय काले के नेतृत्व वाले महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह को छत्तीसगढ़ शासन की ओर से वर्ष 2014 में सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग सेवा संस्था का पुरस्कार दिया गया।

7. अध्यक्ष श्री अजय काले के नेतृत्व में महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के माध्यम से अपने नेतृत्व में निम्न और मध्यम निम्न आय वाले हजारों परिवारों के बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में बहुमुखी कार्य किए। इसी वजह से इस शाला के होनहार विद्यार्थी हर साल बोर्ड परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान बनाते हैं। वहीं हर साल राज्य स्तरीय विज्ञान मेले में शाला के बच्चों का प्रभावशाली और शिक्षाप्रद माॅडल चयनित होता है। इसी तरह बाॅस्केटबाॅल, राॅकबाॅल, खो-खो, फुटबाॅल जैसी छत्तीसगढ़ राज्य की टीमों में संत ज्ञानेश्वर के विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई हैं।

8. महाराष्ट्र मंडल के माध्यम से छत्तीसगढ़ में पहली बार व्हील चेयर, वाॅकर, हाॅस्पिटल बेड, वाटर बेड, एयर बेड, आक्सीजन कंस्ट्रेटर जैसी कई मेडिकल इक्विपमेंट जरूरतमंद मरीजों को उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू की गई। इसके माध्यम से अब तक एक हजार से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। श्री काले के मार्गदर्शन में अब इस योजना का विस्तार महाराष्ट्र मंडल दुर्ग, भिलाई, धमतरी, बिलासपुर और कोरबा में उन्हें मेडिकल इक्विपमेंट उपलब्ध कराया किया गया।

9. कोरोना संक्रमण काल में महाराष्ट्र  मंडल ने कोरोना पीड़ितों के लिए सेवा भारती संस्थान की मदद से देवेंद्र नगर स्थित गुजराती स्कूल और रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में 20- 20 बिस्तर वाले दो क्वारंटाइन सेंटर शुरू किए। इन दोनों सेंटरों में आक्सीजन कंस्ट्रेटर से लेकर सभी आपातकालीन सुविधाएं और 24 घंटे डाॅक्टरों की टीम उपलब्ध थी। यही कारण है कि इन दोनों क्वारंटाइन सेंटर में किसी भी कोरोना पीड़ित मरीज की मौत नहीं हुई। जबकि दोनों सेंटर शुरुआती दिन से लेकर आखिरी दिन तक लगातार भरे रहे।

10. कोरोना काल में उच्च स्तरीय मानव सेवा करने के परिणाम स्वरूप बृहन्न महाराष्ट्र मंडल नई दिल्ली ने इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में महाराष्ट्र मंडल रायपुर को 2023 में सर्वश्रेष्ठ मानव सेवा के लिए सम्मानित किया।

11. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान यूक्रेन में फंसे मराठी समाज के 3 छात्रों को सकुशल भारत लाने की दिशा में श्री अजय काले ने राजधानी रायपुर से लेकर नई दिल्ली तक के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से सतत चर्चा की, फॉलोअप लिया और जब तक सभी बच्चे सकुशल रायपुर नहीं पहुंच गए, तब तक वे पूरी प्रक्रिया को लगातार लाइनअप करते रहे।

12. श्री अजय काले के मार्गदर्शन में  कई बार बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, मुंबई, इंदौर में रहने वाले महाराष्ट्र मंडल के आजीवन सभासदों व उनके परिजनों को आवश्यकता अनुसार रक्त, मेडिकल और अन्य सुविधाएं दिलाई गई हैं।

13. श्री काले की पहल पर महाराष्ट्र मंडल में समय-समय पर आधार कार्ड, आय़ुष्मान कार्ड और आसपास की झुग्गी बस्तियों के लिए राशन कार्ड बनाने के लिए शिविर लगाए गए। साथ ही महाराष्ट्र मंडल के विभिन्न केंद्रों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है।

14. साल 1989 में महाराष्ट्र मंडल की सदस्यता लेने के बाद श्री काले ने मंडल के सभी प्रकल्पों और महाराष्ट्र मंडल ट्रस्ट के विभिन्न पदों पर सेवा और समर्पण भाव से काम किया। उसी का नतीजा है कि भारत देश के सबसे बड़े महाराष्ट्र मंडल रायपुर के 2008 में ट्रस्ट कार्याध्यक्ष, 2010 से लेकर 2024 तक एक बार निर्वाचित और लगातार सात बार निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।

15. महाराष्ट्र मंडल के पितृपुरूष 84 वर्षीय टीएम घाटे के मार्गदर्शन और श्री अजय काले ने अदम्य साहस, सामर्थ्य और नेतृत्व क्षमता से जनसहयोग से पुराने महाराष्ट्र मंडल भवन को तोड़कर नौ करोड़ रुपये की लागत से नया सर्व सुविधायुक्त वातानुकूलित महाराष्ट्र मंडल भवन का पुननिर्माण किया।

16. नवनिर्मित महाराष्ट्र मंडल भवन में फिजियोथैरेपी सेंटर तक की व्यवस्था है। इससे निम्न और मध्यम आय वर्ग के जरूरतमंद मरीज लाभान्वित हो रहे हैं।

17. महाराष्ट्र मंडल में करीब 40 साल पहले शुरू किया गया कामकाजी महिला वसती गृह और छात्रावास अब आधुनिक सुविधाओं और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था के साथ संचालित किया जा रहा है। इसमें दूरस्थ क्षेत्रों से नौकरी और पढ़ाई करने के लिए रायपुर पहुंचीं निम्न और मध्यम आय वर्ग वाले परिवारों की महिलाओं और छात्राओं के आवास की सुविधा है।

18. श्री अजय काले की देखरेख में महाराष्ट्र मंडल के 15 महिला केंद्रों का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से राजधानी रायपुर की झुग्गी बस्तियों के बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से अत्यंत गरीब परिवार के हजारों बच्चे संस्कारित और शिक्षित हो रहे है।

19. साल 2008 में शंकर नगर में बाल वाचनालय शुरू कर सैकड़ों पुस्तकों के माध्यम से बच्चों में पठन-पाठन की आदत डालने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही बाल वाचनालय से लगे और महाराष्ट्र मंडल की देखरेख वाले गार्डन में बापू की कुटिया के माध्यम से बुजुर्गों की विविध गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।

20. महाराष्ट्र मंडल की पर्यावरण समिति ने पिछले पांच वर्षों में राजधानी रायपुर में 10 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया और लगातार उनको संरक्षित किया। नतीजा 80 फीसदी से अधिक पौधे अब पेड़ बन चुके है 

21. महाराष्ट्र मंडल के माध्यम से शहर के शिक्षित-अर्धशिक्षित बेरोजगार युवकों के लिए समय-समय पर स्वावलंबन और उद्यमिता शिविर आयोजित किए जाते हैं और इनमें श्री काले की मोटिवेशनल स्पीच बेहद प्रभावशाली होती है। इसमें बड़ी संख्या में नौकरी की तलाश कर रहे अथवा स्वरोजगार के लिए प्रयासरत युवा लाभान्वित हुए हैं।

22. महाराष्ट्र मंडल की खेलकूद, कला, संस्कृति और युवा समिति ने भी श्री अजय काले के नेतृत्व में अपने-अपने क्षेत्र में अनेक कीर्तिमान गढ़ने वाले महत्वपूर्ण और बड़े आयोजन किए हैं। इससे लोगों का मनोरंजन तो हुआ ही है, साथ ही उन्होंने अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव भी महसूस किया।

23. सन् 1989 में अजय मधुकर काले छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ के शहर अध्यक्ष बने और 2010 में प्रदेश कार्यालय मंत्री व भारतीय मजदूर संघ के 2017- 18 में जिला अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

24. लगभग चार दशकों से लगातार समाजसेवा कर रहे महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष श्री अजय काले को उनकी मानव सेवा क्षेत्र में अनेक उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री विश्व भूषण हरिचंदन ने राजभवन में आयोजित एक भव्य समारोह में सम्मानित किया।

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