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प्रवर्तिनी श्री शशिप्रभाश्रीजी म.सा. का देवलोकगमन।

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पूरे भारत में श्री संघों में श्रद्धांजली अर्पण की जा रही है।

पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की आज्ञानुवर्तिनी पूजनीया आगम ज्योति प्रवर्तिनी श्री सज्जनश्रीजी म.सा. की शिष्या पूजनीया संघरत्ना प्रवर्तिनी श्री शशिप्रभाश्रीजी म.सा. का आज ता. 26 जून 2024 को पांसकुडा कोलाघाट के पास एक दुर्घटना में स्वर्गवास हो गया। पूज्याश्री कोलकाता से विहार कर खडगपुर पधार रहे थे। खडगपुर से लगभग 40 कि.मी. पहले सूर्योदय के पौन घंटे बाद यह दुर्घटना हुई।

पूज्याश्री का जन्म फलोदी नगर में वि. 2001 भाद्रपद वदि अमावस्या को श्री ताराचंदजी की धर्मपत्नी सौ. बालादेवी गोलेच्छा की रत्नकुक्षि से हुआ था। आपका नाम रखा गया किरण कुमारी। उन्होंने मात्र 13 वर्ष की उम्र में वि. सं0 2014 मिगसर वदि छठ को ब्यावर में दीक्षा लेकर पूजनीया प्रवर्तिनी श्री सज्जनश्रीजी म.सा. का शिष्यत्व स्वीकार कर लिया था। संस्कृत व्याकरण व तत्वज्ञान के विशिष्ट अभ्यासी पूजनीया प्रवर्तिनी श्री की प्रेरणा से शासन के अनेक कार्य संपन्न हुए थे। सिद्धाचल की पावन भूमि पर स्थित अतिप्राचीन बाबू माधोलाल धर्मशाला के साचा सुमतिनाथ मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार आपकी ही प्रेरणा से संपन्न हुआ था। पालीताना का जिनेश्वर भवन व जिन मंदिर आपकी ही प्रेरणा का परिणाम है। जयपुर के कटला मंदिर का जीर्णोद्धार आपकी प्रेरणा से हुआ। मानसरोवर में जिनमंदिर व दादावाडी आपकी प्रेरणा से बनी। अजीमगंज की दादावाडी का जीर्णोद्धार आपकी प्रेरणा से हुआ।

पश्चिम बंगाल में आपने विचरण करके हजारों हजारों भव्यात्माओं को शासन से जोडा। कोलकाता स्थित जिनेश्वर भवन, पालीताना का अस्पताल आदि अनेक शासन प्रभावक कार्य आपकी प्रेरणा से संपन्न हुए। पूज्य गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरि ने आपको वि. 2060 में पालीताना तीर्थ पर प्रवर्तिनी पद से विभूषित किया।

प्रतिदिन एकासणे की तपस्या करने वाले पूज्याश्री सदा तप जप ध्यान जाप में निमग्न रहते थे। कितनी भी गर्मी क्यों न हो, वे दोपहर 1 बजे से पहले मुंह में पानी तक नहीं डालते थे।

गच्छाधिपति आचार्यश्री ने श्रद्धांजली अर्पण करते हुए कहा- प्रवर्तिनीजी के स्वर्गवास से शासन व गच्छ में बहुत क्षति हुई है, जिसकी पूर्ति संभव नहीं है। हमने एक अनमोल और नायाब हीरा खो दिया है।

पूरे भारत में श्री संघों में श्रद्धांजली अर्पण की जा रही है।

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