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खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पू. गणि श्री मयंकप्रभसागरजी म.सा, आदि ठाणा 7 की पावन निश्रा में श्री शांति पाश्वं संघोत्सव संपन्न।

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चितलवाना - प्रज्ञा पुरुष आचार्य भगवंत श्री जिनकांतिसागरसूरीश्वरजी म.सा के शिष्य पूज्य गुरुदेव अवति तीर्थोद्धारक युग दिवाकर खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. पू. गणि श्री मयंकप्रभसागरजी म.सा, आदि ठाणा 7 की पावन निश्रा में तथा आगम ज्योति प्रवर्तिनी श्री प्रमोदश्रीजी म.सा. की शिष्या पू. बहिन म. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा, प्रवचन व्याख्यात्री साध्वी श्री हेमप्रभाश्रीजी म.सा की सुशिष्या साध्वी श्री प्रशमिताश्रीजी म.सा साध्वी अहंमृन्निधिश्रीजी म.सा. आदि ठाणा धवल यशस्वी साध्वी श्री विमलप्रभाश्रीजी म.सा. की शिष्या साध्वी श्री मयूरप्रियाश्री जी म.सा. आदि ठाणा की पावन सानिध्यता में श्रीमती शांतिदेवी जुगराजजी पंचाणमलजी मरडिया परिवार को और से श्री चितलवाना नगर से जगजयवंत श्री जीरावला महातीर्थ का श्री शांति पाश्वं छःरि पालित संघोत्सव का आयोजन सानंद संपन्न हुआ।


दिनांक 20 जनवरी को संघ का शुभारंभ हुआ जो हाड्चा कारोला, सांचोर, रानीवाडा, मंडार वरमाण इत्यादि तीर्थों की स्पर्शना करते हुए जीरावला महातीर्थ पहुंचा। चितलवाना में दिनांक 17-18-19 जनवरी को त्रि-दिवसीय जीवित महोत्सव के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिनांक 28 को मेंहदी एवं सांझी का आयोजन किया गया। दिनांक 26 को गुरु वधामणा किया गया। ता. 27 जनवरी को संघपति परिवार द्वारा कार्यकर्ताओं का बहुमान किया गया। बीच में आने वाले तीर्थों व जिन मंदिरों में मरडिया परिवार द्वारा देवद्रव्य, साधारण ाते व जीवदया में बड़ी राशि अर्पण की गई। प्रतिदिन स्नात्र पूजा के साथ जयतिहुअण महापूजन, भक्तामर महापूजन, शक्रस्तव अभिषेक, चिंतामणि महापूजन, दादा गुरुदेव महापूजन आदि पढाये गये। पू. गुरुदेवश्री के प्रवचनों के साथ पू. मुनिश्री श्रेयांसप्रभसागर जी म.सा., मुनि श्री मृगांकप्रभसागरजी म.सा, मुनि श्री मुरप्रभसागरजी म.सा. तथा पू. बहिन म.डॉ. विद्युत्प्रभाश्रीजी म.सा., पू. साध्वी श्री अर्हन्निधिश्री जी म.सा. आदि के प्रवचन हुए। दिनांक 30 को पूरे उल्लास से संघ का जीरावला महातीर्थ में प्रवेश हुआ। दिनांक 27 जनवरी को संघपति को बधाया गया, 28 जनवरी को समस्थ यात्रिकों का संघपति परिवार द्वारा अभिनंदन किया गया एवं यात्रिकों द्वारा संघपति परिवार का अभिनंदन करने का लाभ तिलक का लाभ-श्री मांगीलालजी बनेचंदजी देसाई कारोला, सांचौर, माला का लाभ संघवी जमनादेवी जेठमलजी गांधी चितलवाना, श्रीफल का लाभ शा. लक्ष्मीचंदजी डामरजी घोडा हाडेचा, साफा चुंदड़ी का लाभ संघवी चंपालालजी खीमराजजी भावड सिणधरी, मोमेन्टो का लाभ-श्रीमति मेथीदेवी मिश्रीमलजी चंदाजी मरडिया सांचोर ने लिया। दिनांक 31 को संघपति परिवार का संघपति मालारोपण का विधान भव्यातिभव्य संपन्न हुआ। श्री बाबुलालजी मरडिया को माला पहनाने का लाभ श्री प्रतापजी देवाजी अरणाईया परिवार ने लिया। श्री प्रवीणजी मरडिया को माला श्री समरथमलजी मिश्रीमलजी गलुपिया परिवार ने पहनाई एवं श्री विकेशजी मरडिया को श्रीमति लहेरीदेवी गुणेशमलजी गांधी परिवार ने पहनाई।


उसका नजारा देखने योग्य था। इस छःरी पालित संघ में करीबन 1200 से ऊपर यात्रिकगण थे। एवं इस संघोत्सव दौरान मार्ग में आने वाले गांवों के बच्चों को कम्बल, बुक, पेन इत्यादि संघपति परिवार द्वारा वितरित किए गए। संघपति परिवार द्वारा बहुत उदारता के साथ में सभी की सेवा भक्ति की गई और यह छःरी पालित संघ बहुत ही हर्षोल्लास के साथ में सानंद संपन्न हुआ।

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