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सर्वमंगलमय वर्षावास : 10 से 75 वर्ष तक के तपस्वियों ने पूरी की गिरनार नेमी तप की कठिन साधना।

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150 तपस्वियों का हुआ सम्मान, भक्ति गीतों के बीच हुई तप की अनुमोदना।

रायपुर - विवेकानंद नगर स्थित श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में 22 दिवसीय श्री गिरनार नेमी तप की साधना 27 अगस्त को पूर्ण हुई। इस कठिन तपस्या में 10-12 वर्ष के बच्चों से लेकर 70-75 वर्ष की आयु के तपस्वियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। तपस्या पूर्ण होने के अवसर पर लाभार्थी परिवार ने 150 तपस्वियों का तिलक, माला और श्रीफल से सम्मान कर उनकी तपस्या की अनुमोदना की।


चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया ने बताया कि आत्मकल्याण की भावना से तपस्वियों ने 9 उपवास, 9 व्यासना और एक तेला यानी लगातार तीन उपवास की तपस्या की। उपवास के दौरान तपस्वियों ने केवल गर्म पानी का सेवन किया। वह भी दिन में दो बार, सूर्योदय के बाद धर्मसभा में मुनिभगवंतों से मांगलिक लेने के पश्चात तथा सूर्यास्त से दो घंटे पूर्व तक ही ग्रहण किया।

चातुर्मास समिति के महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि श्री गिरनार नेमी तप 7 अगस्त से परम पूज्य मुनिश्री संवेगरत्न सागर जी म.सा. आदि ठाणा की पावन निश्रा में शुरू हुआ था। 28 अगस्त को मंगल प्रवचन के बाद सभी 150 तपस्वियों का सामूहिक पारणा कराया जाएगा।


बैंड-बाजे के साथ पहुंची मेहंदी-सांझी।

पारणा से पहले तपस्या के निमित्त मुनिभगवंतों की पावन निश्रा में मेहंदी-सांझी का भक्तिमय आयोजन हुआ। श्री संभवनाथ जिनालय से लाभार्थी परिवार और बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं बैंड-बाजे के साथ मेहंदी के थाल लेकर श्री ज्ञानवल्लभ उपाश्रय पहुंचे। यहां तपस्वियों को मेहंदी भेंट कर उनकी तपस्या की अनुमोदना की गई।

महिला मंडल ने भक्ति गीत-संगीत की प्रस्तुतियां दीं, जिससे उपाश्रय परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद लाभार्थी परिवार ने सभी 150 तपस्वियों का तिलक, माला और श्रीफल से सम्मान किया। चातुर्मास समिति की ओर से 28 अगस्त को लाभार्थी परिवार के हाथों तपस्वियों को तपस्या की स्मृति में उपहार भी भेंट किए जाएंगे।


भक्ति गीतों के बीच गूंजती रही अनुमोदना।

सम्मान समारोह के दौरान श्रावक-श्राविकाओं ने तपस्वियों की कठिन साधना की अनुमोदना करते हुए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। लंबे समय से चल रही तपस्या के अंतिम चरण में हुए इस आयोजन ने श्रद्धा और भक्ति का माहौल और गहरा कर दिया। 28 अगस्त को सामूहिक पारणा के साथ 150 तपस्वियों की गिरनार नेमी तपस्या का विधिवत समापन होगा।

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