केकड़ - केकड़ नगर की पावन धन्यधरा पर श्री नेमीचंदजी बोधरा परिवार द्वारा मुमुक्षु साक्षी सिंघवी के दीक्षा निमित्ते भव्य वर्षीदान वरघोड़े का दिनांक 8 फरवरी 2025 को भव्यतम आयोजन सानंद और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।
गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीजी म.सा. के शिष्यरत्त एवं बोधरा कुल के ही कुलदीपक मुनि श्री समयप्रभसागरजी म.सा., मुनि श्री विरक्तप्रभसागरजी म.सा., मुनि श्री श्रेयांसप्रभसागरजी म.सा., मुनि श्रीमृगांकप्रभसागरजी म.सा. एवं मुनि श्रीमुखरप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा 5 की पावनतम निश्रा में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्रातः भव्य वर्षीदान का वरघोड़ा गांव की मुखा गलियों से होता हुआ सभा मंडप में पहुंचा। वरघोड़ा का दृश्य व नज़ारा देखने योग्यू था। जिस वरघोड़े में पूरे उल्लास उमंग के साथ में गांव के साथ साथ आस पास के गांव के लोग शामिल हुए गुरुवंदन के तत्पश्चात सर्व प्रथम कुसुम बोथरा ने स्वागत गीत गाते हुए गुरु भगवंतों का स्वागत अभिनन्दन किया।
कुमारी शालू बोथरा ने अपने वक्तव्य द्वारा गुरु भगवंत की महानता बताई एवं साक्षी के त्याग पथ की भूरी भूरी अनुमोदना की एवं बधाई दी, रिमझिम बोधरा एवं वर्षा बोथरा ने नृत्य प्रस्तुत करते हुए अपने भाव अभिव्यक्त किये। मुनि श्री समयप्रभसागर जी म.सा. ने अपने वक्तव्य में केकड़ नगरी के बारे में अपने बचपन की कुछ सुनहरी यादें सुनाई। तो मुनि श्री विरक्तप्रभसागर जी म.सा.ने संयम जीवन की महत्ता व पंच महाव्रतो के बारे में जानकारी दी। गांव के सरपंच केसारामजी ने भी इस महोत्सव की खूब खूब अनुमोदना की एवं साक्षी बिटिया को पुरे गांव की ओर से आशीर्वाद दिया और अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि हम सौभाग्य शाली है कि यह कार्यक्रम इसी गांव में आयोजित किया गया और हमें ऐसा नज़ारा देखने को मिला। मुमुक्षु साक्षी सिंघवी ने भी अपने भाव प्रकट करते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। मुमुक्षु आरती बोथरा ने भी अपने भावों के साथ में दीक्षा में पधारने की भाव भरी विनंती की। बोथरा परिवार के द्वारा मुमुक्षु साक्षी सिंघवी का एवं आरती बोथरा का अभिनंदन स्वागत किया गया। इस पूरे महोत्सव में पूरा गांव 36 कौम पूरे उपस्थित रही और सभी ने मिलकर के इस महोत्सव को यादगार बनाया एवं केकड़ नगरी में ऐसा इतिहास सर्वप्रथम बार रचा गया और इस महोत्सव में पूरा गांव सहभागी बनकर के जुड़ा। तो ऐसा लग ही नहीं रहा था जैसे यह महोत्सव सिर्फ जैनों का है। संपूर्ण गांव की 36 कौम को बोथरा परिवार ने भोजन में आमंत्रित करके सभी का मुंह मीठा किया। एवं करीबन 5000 लोगों की उपस्थिति रही और मुख्य विशेषता यह थी की सभी को बोथरा परिवार ने बिठाकर के स्वामीभक्ति का लाभ प्राप्त किया।
इस महोत्सव में बाहर गांव से भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे जिसमें बाड़मेर, सांचौर बामनौर, चौहटन, मालेगांव, राणासर, हैदराबाद, पूना, अहमदाबाद, जोधपुर, कोनरा, शोभाला, सुरत, आदि विभिन्न गांवों से लोगों ने उपस्थित होकर के इस महोत्सव में चार चाँद लगाये।