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ब्यावर में तीन दिवसीय पदारोहण दिवस के दूसरे दिन पर...

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महापुरुष विपरीत परिस्थितियों मे कभी विचलित नही होते है।...श्री राजन् जी म सा।

ब्यावर - समता भवन मे आचार्य श्री रामेश का 33 वां युवाचार्य दिवस एवं बहुश्रुत वाचनाचार्य उपाध्याय प्रवर श्री राजेश मुनि जी म.सा. का षष्ठम उपाध्याय पदारोहण दिवस तप त्याग के साथ श्रुतभक्ति दिवस के रुप मे दो मार्च तक मनाया जायेगा आज दुसरे दिन पर आचार्य श्री रामेश् के शिष्य राजन मुनि जी म सा ने कहा आचार्य प्रवर व उपाध्याय प्रवर ऐसे महापुरुष है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों मे भी हार नही मानी न कभी डावांडोल हुए। 

  म सा ने हा आचार्य उपाध्याय महापुरुष ज्ञानी दृष्टि वाले होते है 1992 मे से अब तक राम राजेश की जोडी जुगल बंदी जोडी चली आ रही है जो ज्ञानी दृष्टि से संघ समाज मे ज्ञान की गंगा बहाते हुए नित नये आयाम देते जा रहे है।

   इससे पहले अमित मुनि जी म सा ने कहा आचार्य उपाध्याय जिन नही जिन सरीखे है वह जिनशासन को तिराने वाले है।जिन्होंने आगमो को जीवन मे उतार लिया जो आज हम देख रहे है।

     महासती श्री पराग श्री जी म सा ने कहा नाना गुरु ने राजेश मुनि को राजा बाबू कहकर बुलाते थे कभी सोचा नही था ब्यावर की पुण्य धरा पर होली चातुर्मास के अवसर पर आचार्य रामेश ने राजेश मुनि को उपाध्याय पद की चादर ओढायेगें।म सा ने कहा गुरु की असातना करने वाला बच नही सकता नाना गुरू का संकल्प हम राम गुरू के रुप मे दख रहे है।

   साध्वी प्रशांत श्री जी म सा ने कहा आचार्य नानेश की दृष्टि निराली दिव्य दृष्टि थी जो हमे मुनि राम को बीकानेर मे युवाचार्य बनाया जो हमे एक कोहीनूर हीरे के रुप मे साधुमार्गी संघ को दिया वही कोहीनूर हीरा आज हमे उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि के रुप मे दिया जो बेले बेले की तपस्या करते हुए स्वयं गोचरी लाकर सब संतो को खिला कर खुद खाते हैं।

संघ प्रवक्ता - नोरतमल बाबेल, साधुमार्गी जैन संघ, ब्यावर।

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