कवर्धा : - 11/04/26 - समीप वर्ती नगर पंडरिया के वीर माता-पिता श्रीमती इंदिरा - दिनेश डाकलिया की सुपुत्री मुमुक्षु काजल डाकलिया का कवर्धा पदार्पण हुआ। सकल जैन श्री संघ कवर्धा के तत्वावधान में उनका भाव भीना अभिनंदन किया गया। श्री भीषम चंद- संदीप लुनिया के निवास से शुक्रवार संध्या 7:00 बजे वरघोड़ा निकाला गया जो महावीर स्वामी चौक, ऋषभदेव चौक, सराफा होते हुए जैन मंदिर के चोपड़ा हाल में अभिनंदन सभा के रूप में परिवर्तित हुआ। कार्यक्रम का संचालन सु मधुर गायिका सुश्री पलक लोढ़ा ने किया। ज्ञान वल्लभ महिला मंडल, स्थानकवासी महिला मंडल, शांति विजय महिला मंडल ने मुमुक्षु काजल के सराहनीय कदम की अनुमोदना करते हुए समूह गान प्रस्तुत किया।

सकल जैन श्री संघ अध्यक्ष श्री नेमीचंद श्री श्रीमाल, श्वेतांबर जैन मूर्ति पूजक संघ अध्यक्ष श्री खुशाल टाटिया, श्री वर्धमान जैन स्थानकवासी श्रावक संघ की ओर से श्री गेन्दमल मोदी, श्रीमती प्रीति - अनिल लूनिया, श्रीमती नीना -अभिषेक पारख, श्रीमती नेहा - अंकुश राखेचा आदि ने अपने उदगार में उनके सफल संयमी जीवन के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की।
श्वेतांबर मूर्ति पूजक जैन संघ के पूर्व अध्यक्ष श्री अजय टाटिया द्वारा वर्तमान में आ रही विसंगतियों पर किए गए प्रश्नों की बौछार का मुमुक्षु काजल ने सटीक एवं तर्क पूर्ण उत्तर देते हुए कहा कि सोशल मीडिया का यूज हो किंतु मिस यूज ना हो। पहनावा शालीनता पूर्ण हो जिसमें पेरेंट्स की भूमिका अहम रहती है। अपने वैराग्य की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मन में द्वंद उठा करता था की कौन सा मार्ग श्रेष्ठ है? गहन चिंतन के बाद गुरु भगवंतो का आलंबन लेकर संयमी जीवन अंगीकार करने का निर्णय लिया। मैंने समझ लिया की शाश्वत सुख इसी पथ पर चलने से मिल सकता है। उन्होंने आगे बताया की उनकी प्रव्रज्या गुरुवार 23 अप्रैल 2026 को भीलवाड़ा राजस्थान में होगी तथा इसके पूर्व 13, 14 अप्रैल को उनके गृह नगर पंडरिया से मुझे दीक्षार्थ बिदा किया जाएगा। तद् हेतु दोनों कार्यक्रमों में आप सभी भाग लेकर मुझे अपना आशीष अवश्य देवें।
श्रीमान रमेश चोपड़ा, डॉ नितिन जैन, श्री अभय लोढ़ा, श्रीमती नीता - संदीप लूनिया आदि कवर्धा श्री संघ के श्रावक श्राविकाओं के उपकारों को उन्होंने याद किया जिन्होंने इस मार्ग की ओर बढ़ने की प्रेरणा दी। जैन श्री संघ कवर्धा ने मुमुक्षु काजल डाकलिया का तिलक माला के साथ खोल भरी। तथा उनके परिजनों का भी आत्मीय अभिनंदन कर मुमुक्षु के सफल संयमी जीवन की कामना की।