दुर्ग - महावीर लेक व्यू सोसायटी, बांधा तालाब निवासी स्वर्गीय श्री कांतिलाल सुराना जी के निधन के बाद उनके परिवार ने गहरे दुःख के बीच ऐसा प्रेरणादायी निर्णय लिया, जिसने मानवता के प्रति समाज में नई उम्मीद जगाई। परिवार ने मध्यरात्रि 2 बजे नेत्रदान का संकल्प लेकर दो नेत्रहीन व्यक्तियों के जीवन में नेत्र ज्योति देने का पुनीत कार्य किया।

स्वर्गीय श्री कांतिलाल सुराना जी की धर्मपत्नी श्रीमती विमला बाई सुराना, पुत्र दिनेश सुराना, पृथ्वीराज सुराना, मनोज सुराना, पुत्री संगीता तथा पौत्र सौरभ एवं शुभम की सहमति से यह नेत्रदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
नेत्रदान की प्रक्रिया को संपन्न कराने हेतु नवदृष्टि फाउंडेशन के राज आढ़तिया, कुलवंत भाटिया, मंगल अग्रवाल, रितेश जैन एवं प्रभुदयाल उजाला रात में ही सुराना निवास पहुंचे और पूरी व्यवस्था संभाली। वहीं श्री शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज की टीम में डॉ. रिंकल अग्रवाल, डॉ. शिवानी ठाकुर एवं नेत्र प्रभारी विवेक कसार ने मध्यरात्रि में पहुंचकर कॉर्निया संकलित किए।
स्वर्गीय श्री कांतिलाल सुराना जी के पुत्र दिनेश सुराना ने भावुक शब्दों में कहा कि पिता के निधन से पूरा परिवार गहरे सदमे में है और दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन यह संतोष भी है कि उनके नेत्र अब दो परिवारों के जीवन में नई ज्योति बनेंगे। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से परिवार को आत्मिक शांति मिली है और उन्हें उम्मीद है कि समाज भी इससे प्रेरणा लेकर नेत्रदान जैसे महादान के लिए आगे आएगा।
नवदृष्टि फाउंडेशन के मंगल अग्रवाल ने कहा कि सुराना परिवार समाज का प्रतिष्ठित एवं सेवाभावी परिवार है। परिवार के मुखिया के नेत्रदान का निर्णय समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण है, जो निश्चित रूप से लोगों को मानव सेवा के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय संस्था के जनजागरूकता अभियान को नई गति प्रदान करते हैं।
नवदृष्टि फाउंडेशन की ओर से अनिल बल्लेवार, कुलवंत भाटिया, राज आढ़तिया, प्रवीण तिवारी, मुकेश आढ़तिया, हरमन दुलई, रितेश जैन, राजेश पारख, जितेंद्र हासवानी, मंगल अग्रवाल, किरण भंडारी, उज्ज्वल पींचा, सत्येंद्र राजपूत, सुरेश जैन, पीयूष मालवीय, दीपक बंसल, विकास जायसवाल, मुकेश राठी, प्रभुदयाल उजाला, प्रमोद बाघ, सपन जैन, यतीन्द्र चावड़ा, जितेंद्र कारिया, बंसी अग्रवाल, अभिजीत पारख, मोहित अग्रवाल, चेतन जैन, दयाराम टांक, विनोद जैन एवं राकेश जैन ने स्वर्गीय श्री कांतिलाल सुराना जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सुराना परिवार के इस पुनीत कार्य की सराहना की।