पंडरिया – कहते हैं राजनीति में सब कुछ संभव है, इस बात को पंडरिया में नगरीय निकाय के मुद्दों को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को माना जा सकता है, जो कथनी और करनी को चरितार्थ करने जा रहे हैं । यहां सिद्धांतविहीन राजनीति हो रही है, कहा जाय तो किसी को आश्चर्य नही होना चाहिए। हालांकि चुनाव के समय कोई प्रत्यक्ष गठबंधन नही हुआ था, किन्तु चुनाव के बाद अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सभापति चुनाव में उच्चस्तरीय फरमान के साथ गठबंधन हुआ था। जिसमे एक दल को अध्यक्ष दूसरे दल को उपाध्यक्ष बनने का अवसर प्राप्त हुआ था। पौने तीन साल बाद बड़ी-बड़ी लोकलुभावन चुनावी घोषणापत्र के साथ उतरी पार्टी ने सब कुछ छोड़कर सत्तापक्ष के साथ विलय कर लिया। तब समर्थन करने वाली पार्टी ने सिद्धांत को तिलांजलि देकर बने हुए हैं, और आज उन्हीं के खिलाफ कुछ दिन से अनिश्चिकालीन प्रदर्शन गांधीचौंक के पास दे रहे हैं। अपने ही समर्थित लोगों के खिलाफ पूरे विश्व में यह पहली घटना हो सकती है, जो सबसे बड़ी पार्टी होने का दंभ भरने वाली पार्टी जो प्रदर्शन करने वाली राजनीति के रूप में प्रदेश में ही नही पूरे देश में पहली हो सकती है। तभी तो लोग कहते हैं राजनीति में सब कुछ जायज है। जो सिद्धांतविहीन राजनीति होने को चरितार्थ करने में लगे हुए हैं!