रायपुर। संसार का सबसे बड़ा दोष यह है कि हम दूसरों में दोष देखते है और खुद में गुण खोजते है। हम हमेशा यह देखते है कि कौन कितना पानी में हैं। हमने कभी इसकी तुलना नहीं की है कि हम कितने पानी में है। जब...
रायपुर। संसार का सबसे बड़ा दोष यह है, कि हम दूसरों में दोष देखते है, और खुद में गुण खोजते है। हम हमेशा यह देखते है कि कौन कितना पानी में हैं। हमने कभी इसकी तुलना नहीं की है कि हम कितने पानी में है। ...
रायपुर, 23 जुलाई। ‘‘अपना मेमोरी पाॅवर बढ़ाने के लिए हम हमेशा अपने दिमाग को पैना, धारदार या शाॅर्प रखें। आदमी के जीवन में किया हुआ सत्कर्म, धर्म ही हमेशा उसके काम आता है। आपके मेमोरी पाॅवर को कमजोर क...
रायपुर। पूर्ण बनने के लिए मन को स्वस्थ रखें, मन को बीमार न बनाएं, क्योंकि तन की बीमारी का इलाज हो सकता है पर मन की बीमारी का नहीं। मन की बीमारी लेकर मनोवैज्ञानी के पास जाओगे तो वो आपको बेहोश या फिर...
रायपुर। परमात्मा के प्रति, गुरुतत्व के प्रति और अपने पूज्यजनों के प्रति जब विनय गुण विकसित होने लग जाता है तो किसी को बताना नहीं पड़ता कि आपको कैसे करना है। परमात्मा की आज्ञा स्वत: ही पालन होने लग ज...
रायपुर। कोई चीज चाहे वह सांसारिक वस्तु, राजनीतिक पद या फिर मनुष्य जीवन ही क्यों न हो, दोबारा हासिल नहीं कर सकते। संसार का सुख पराई वस्तु धारण कर क्षणिक खुशी मनाने जैसा है। हमारे पास जितने साधन है, ...
रायपुर। हम सबको सभी चीजें पूर्ण चाहिए। कोई चीज अधूरी नहीं चाहिए, वैसे ही हम कोई काम अधूरा नहीं करना चाहते है। आप पूरा पाना चाहते हो, पर इस दुनिया में कोई चीज पूरी नहीं मिल सकती है। क्योंकि संसार का...
रायपुर - आपको सितंबर के महीने के कहीं जाना हो तो आप दो महीने पहले रेलवे स्टेशन जाकर टिकट लेते हो। आपको 7 तारीख को पहुंचना हो तक आप 5 तारीख को ही रवाना हो जाते हो। 3-4 महीने पहले से सब तय रहता है। आ...
रायपुर - दिन पेट भर खाना खाने के बाद भी आपको रात में फिर से भूख लगती है। आप कितना भी खाना खा लें, दो दिनों के लिए एक साथ नहीं खा सकते। यह पेट का गड्ढा कभी नहीं भर सकता है। वैसे ही संसार में आप जो भ...
रायपुर - माता-पिता के दिए हुए संस्कार ही बच्चों में आते है। यह निर्भर करता है कि बच्चों की परवरिश कैसी की गई है। बच्चों की बुद्धि पैनी हाेती है, उनमें आप जो बीज बोयेंगे, वैसा ही फल आपको देखने काे म...