*खेती किसानी में होगा गौ मूत्र प्रयोग*
*समाजिक कार्यकर्ता आशीष अग्रवाल के सुझाव पर अमल*
*वर्मी कम्पोस्ट व सुपर कम्पोस्ट में होगी गौ मूत्र का उपयोग।*
कबीरधाम जिले के सामाजिक कार्यकर्ता आशीष अग्रवाल के पत्र क्रमांक AK2021/2/11A दिनांक 11-08-2021 के संदर्भ में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 4 पृष्ठीय सुझाव जिसमे शासन की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा,घुरुवा एवं बारी के अंतर्गत गौमूत्र लागू करने की योजना पर विस्तृत प्रकाश डाला, जिससे मुख्यमंत्री ने स्वीकार करते हुए खेती किसानी में गौमूत्र के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ मुख्यसचिव को आवश्यक निर्देश दिए, जिससे अब छत्तीसगढ़ सरकार गाँव के गोबर एवं वर्मी कंपोस्ट एवं सुपर कंपोस्ट तैयार करने के पश्चात खेती किसानी में गौमूत्र का भी उपयोग को बढ़ावा देगी।
इसी प्रकार जनस्वास्थ्य के दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण औषधि है, जिसका लाभ बाबा रामदेव गौमूत्र बेचकर ले रहे है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश एवं देश में यूरिया का विकल्प एक मात्र गौमूत्र है, जो कि सर्वशुलभ एवं अत्यंत सस्ता है। अतः गौमूत्र का प्रयोग करने से भारत सरकार द्वारा जो करोड़ों रुपये की सब्सिडी यूरिया खरीदने में दी जाती है, वह इस महत्वकांक्षी योजना एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु कृषकों को सब्सिडी दी जानी चाहिए। ताकि देश में यूरिया की किल्लत (मांग) कम हो एवं किसान को खेती सस्ती होगी। अधिकांश तौर पर देखा गया है, कि रासायनिक खाद से कीड़ों का प्रकोप बढ़ता है, और कीटनाशक दवाईयों का भयंकर उपयोग किया जा रहा है। इस जैविक खाद की उपयोग से विषैली खेती से मुक्ति मिलेगी अतः प्रदेश की इस योजना को केंद्र सरकार को भी आज नहीं तो कल लागू करना होगा, अतः बेहतर है शीघ्र-अतिशीघ्र लागू किया जाए।
संचानालय पशु चिकित्सा सेवाये, छत्तीसगढ़ का पत्र क्रमांक 341/NGGB-जनदर्शन/17/2021-22 रायपुर, दिनांक – 22/01/2022 को पत्र मिला पत्रनुसार वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय पंचगव्य विभाग द्वारा इस संबंध में कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। यही नहीं विभिन्न सेंटरों की मदद से गाँव और गौठानो को गोद में ले जाने की योजना है, अब यह योजना भविष्य में नरवा, गरवा, घुरूवा, बारी और गौमूत्र योजना के नाम से जानी जावेगी।
अग्रवाल ने प्रदेश की मुख्यमंत्री का गौमूत्र योजना को त्वरित स्वीकार कर किसानों एवं जन स्वास्थय की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम उठाने हेतु आभार व्यक्त किया। गौमूत्र न केवल प्रदेश की बल्कि देश की प्रथम अनुकरणीय योजना मानी जाएगी।