June 23, 2023


पांडातराई में राजनीति का ऊंट किस करवट बैठ रही, सियासत उफान पर।

पंडरिया – नगर पंचायत पांडातराई मे 2019 से आम चुनाव हुआ है, तब से कुछ विशेष जाति वर्ग के लोगोँ मे अध्यक्ष नहीं बन पाने का पीड़ा रह रह कर घायल कर रहा है, परिणाम स्वरूप बतौर ठेकेदार बन कुटनीति का उपयोग कर लाभ ले रहा है। एक पार्षद जिनका नाम लोगों मे क्रियाकलाप को लेकर खूब चर्चा में है। कुछ महीने अविश्वास प्रस्ताव गिराने में मुख्य भूमिका निभाया था। वही इस बार गंभीर आरोप लगाकर खुद ही मुख्य भूमिका में आ गया है, जिससे पुरी राजनीतिक् गणित बिगड़ा नजर आने लगा है। राजनीति की बिसात को सामान्य आदमी साझ नही पाता है । नगर पंचायत पांडातराई में इस बार फिर से अविश्वास प्रस्ताव आया है जिसमे पक्ष के लोग पहले लगा दिये हैं फिर विरोधी पक्ष भी लगा दिये है । राजनीति की गणित को सामान्य जन समझ नही पा रहे हैं । एक तरफ तीन पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है वहीं दूसरी ओर विपक्ष सहित 11 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया है । पहले वाली प्रस्ताव में एक पार्षद का हस्ताक्षर मिलान नही हो रहा है । दो पार्षद बच जाते हैं तो उस पर विचार नही करना चाहिए ।आवेदन निरस्त हो जाना था किन्तु राजनितिक गणित जारी है । दूसरे पक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर प्रशासन ज्यादा गंभिता से नही ले पा रही है । राजनीति में बहुमत के आधार पर सारा खेल चलता पर यहाँ तो उल्टी दिशा में चाल चलने वालों पर भरोसा जताया जा रहा है । इसलिय सामान्य जनता नेताओं की गणित नही समझ पा रही है । आपको बताते चलें की पांडातराई नगर पंचायत अध्यक्ष फिरोज खान के खिलाफ 7- मई-2023 को तीन पार्षद भीषण चंद तिवारी,श्रीमती प्रिया गुप्ता,श्रीमती नसीम बानो ने लगाई है । विपक्ष सहित 11 पार्षदों ने हस्ताक्षर युक्त अविश्वास प्रस्ताव फिरोज खान अध्यक्ष के खिलाफ दिनांक 12 मई 0223 को प्रस्तुत किया है । नेताओं ने सियासत के रंग को ऐसा बदरंग बना दिया है की पार्टी विरोधी गतिविधि मानकर 5 पार्षदों को कांग्रेस से बहार का रास्ता दिखा दिया गया है इसबार भी दो कांग्रेस पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाने में अपनी अहम रोल अदा कर रहे हैं उन पर पार्टी अपनी शक्ति का हथौड़ा कब चलाती है निष्कासित पार्षदगण व समर्थक बेसबरी से इंतजार कर रहे हैं । छत्तीसगढ़ विधान सभा का चुनाव मात्र 4महिने ही शेष बचे हैं ऐसे में सत्ता पक्ष का नुकसान ज्यादा से ज्यादा होता हुआ दिखाई दे रहा है । जो भी नेता इस राजनीति को रंग देने का सियासी चाल चल रहा है निश्चित ही पार्टी के फायदा नुकसान को सामने रखकर नही कर रहा है । जहां तक अध्यक्ष को हटाने को लेकर जो राजनीति चल रही है उस पर बात किया जाय तो आवश्वास प्रस्ताव को लेकर जो आरोप लगाया गया है उस पर सूक्ष्मता से जांच कराई जाय तो वोटिंग कराने की आवश्यकता नही होगी । कई ऐसे मामले हैं जो कोर्ट में लंबित हैं । सत्ता पक्ष से जुड़े होने का राजनितिक व प्रशासनिक लाभ भी मिल रहा है । तराईतराई में कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष है । फिरोज खान शिक्षक पद छोड़ राजनीति में आया है । जो खेल अभी हो उसे सच्च मान लिया जाय तो 15 पार्षद में से 14 पार्षद अध्यक्ष के खिलाफ हैँ । बहरहाल अब देखना ये की कि पांडातराई में अविश्वास प्रस्ताव के बहाने कुछ पार्षदों की खुरापाती दिमाकीय खेल रूपी राजनीति का ऊंट किस करवट बैठता है ।

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