रायपुर - दिनांक 28.07.2024 दिन रविवार को संस्था सेवाभारती मातृछाया का 19 वॉ स्थापना दिवस का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख अतिथि रायपुर शहर के सुप्रसिद्ध चार्टेड एकाउंटेंट माननीय श्री रा.य. जोगलेकर, विशेष अतिथि जल संसाधन विभाग से सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री हसदेव बांगो परियोजना कोरबा माननीय श्री प्रकाश चंद चोपडा जी तथा प्रमुख वक्ता श्रीमती पिकी अग्रवाल द्वारा कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यकम में सेवाभारती के अध्यक्ष माननीय श्री अशोक अग्रवाल जी, सचिव महोदय माननीय श्री राहित द्विवेदी जी, कोषाध्यक्ष माननीय श्री विनोद अग्रवाल एवं कार्यालय प्रमुख माननीय श्री कुंदन दुबे जी उपस्थित रहें। माननीय श्री रूंगटा जी सह सेवा प्रमुख एवं सेवाभारती मातृछाया के सदस्या श्रीमती मोनिका मिश्रा व श्रीमती शताब्दी पाण्डे उपस्थित रहे। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर भारत माता का पूजन किया गया। अतिथियों को गुलाब की छडी व स्मृति चिन्ह संस्था के सह प्रबंध संचालक श्री किशोर लॉजेवार द्वारा देकर सम्मान किया गया।
संस्था के बच्चों द्वारा सभी उपस्थित अतिथिगण व गणमान्य नागरिको के संमक्ष शिशुओं को जो संस्कार दिया जा रहा है उसकी एक झलक प्रस्तुत किया गया। सामुहिक नित्य, गायत्री मंत्र और भोजन मंत्र का पाठन किया गया।
संस्था के प्रबंध संचालक श्री सुधीर नाफडे द्वारा संस्था की गतिविधियों के बारे में विस्तृत रूप में बताया गया। मुख्य अतिथि द्वारा संस्था के कार्यविधि को सराहा गया।
विशेष अतिथि श्री प्रकाशचंद चोपड़ा ने अपने उदबोधन से संस्था के विचारों व कार्यविधि को संस्था का उदघाटन गुरूपुर्णिमा दिनांक 06.07.2006 को किया गया तब से वे निकट से देखते आये है क्योंकि प्रारंभ उनके निवास स्थान के सामने ही हुआ।
प्रमुख वक्ता श्रीमती पिकी अग्रवाल ने कहा कि इसके पूर्व एक बार मातृछाया में आई थी वह यहाँ पर शिक्षा, स्वास्थ्य व संस्कार जो दिया जा रहा है। उसे जानकर वह प्रभावित हुई।
मातृछाया के अध्यक्ष महोदय श्री सुधाकर कोण्डापुरकर नें मुख्य अतिथि श्री जोगलेकर द्वारा निःशुल्क अंकेक्षण कर रहे है इस हेतु उन्हें हृदय से धन्यवाद दिया और कहा की मानव सेवा ही माधव सेवा है। विशेष अतिथि मा. चोपडा जी के बारे में कहा की हर समय मातृछाया के बारें में जानकरी लेते रहतें है उससे हमें उत्साह मिलता हैं।
श्रीमती पिंकी अग्रवाल के बारें में कहा कि दीदी समर्पित भाव सेवाभारती द्वारा संचालित संस्कार केन्द्रों में सक्रियता से कार्य कर रही है। श्री सुधाकर कोण्डापुरकर ने दिवंगत श्रद्धेय विष्णु कुमार जी सेवाभारती के जनक के बाबत् किस कठिनाईयों का सामना करते हुए 1998 में स्थापना की। सेवाभारती के शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार के करीब 01 लाख 40 हजार से अधिक देश में संचालित है। यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2000 पुर्व गुमशुदा, परित्यक्त, परित्याग शिशुओं को कोई भी उठाकर ले जाकर भीख मांगना, पाकीट मारना या विदेश में विकय किया जाता था यह भारत सरकार के ध्यान में आने पर वर्ष 2000 में दत्तक ग्रहण नियमों को कानून रूप देते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार के अधीन दत्तक ग्रहण प्राधीकरण प्रारंभ किया गया तथा मार्गदर्शन में विशेष दत्तक ग्रहण स्थापित कर मार्गदर्शन दे रहा तथा शिशुओं का पालन पोषण दत्तक ग्रहण इत्यादि वैधानिक रूप से किये जाने लगा ।
अंत में श्री किशोर लॉजेवार सह प्रबंध संचालक द्वारा सभी अतिथियों का आभार प्रदर्शन किया ।