हैदराबाद/रायपुर - परम पूज्य गुरुदेव सूरि सम्राट, राष्ट्ररत्न, अवंती तीर्थोद्धारक, खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा., पूज्य गणिवर्य श्री मयंकप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा–9 की पावन निश्रा एवं पूज्या गणिनी प्रवरा श्री सुलोचनाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा–34 की पावन सानिध्यता में श्री संघ शास्ता वर्षावास समिति, त्रयनगर के तत्वावधान में दिनांक 23 जुलाई 2026 को श्री जैन श्रावक संघ, कोरा (छावनी), सिकंदराबाद में गुरुदेव श्री का मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। प्रातः आनंद जैन भवन, कोरा से गाजे-बाजे एवं भव्य सामैया के साथ गुरुदेव श्री गायत्री गार्डन, सिख विलेज पहुँचे, जहाँ श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव एवं हर्षोल्लास के साथ उनका मंगल स्वागत किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्या साध्वी श्री धैर्यश्रीजी म.सा. के मंगलाचरण से हुआ। तत्पश्चात् श्री वर्धमान महिला मंडल, कोरा द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया तथा आयंबिल आराधिका पूज्या महासती श्री आगमश्रीजी म.सा. ने मंगल उद्बोधन प्रदान किया। इस अवसर पर संघपति श्री संपतराजजी कोठारी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए गुरुदेव श्री के कोरा आगमन को संघ का परम सौभाग्य बताया। वहीं श्री जैन सेवा संघ, हैदराबाद के महामंत्री श्री विमलजी मुथा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
धर्मसभा में पूज्य गुरुदेव श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि सभी जैन संप्रदायों की आराधना पद्धतियाँ भिन्न हो सकती हैं, किंतु सभी का लक्ष्य आत्मशुद्धि एवं कर्मक्षय ही है। उन्होंने कहा कि जिनशासन की वास्तविक शक्ति एकता, समन्वय एवं परस्पर सम्मान में निहित है तथा निर्मल भावों से की गई आराधना ही आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है।
कार्यक्रम के पश्चात् स्वामीवात्सल्य का आयोजन किया गया, जिसका लाभ ताराबाई–मोहनलालजी, आनंदराजजी एवं समस्त धारीवाल परिवार, सिकंदराबाद द्वारा प्राप्त किया गया। तत्पश्चात् श्री जैन श्रावक संघ, कोरा एवं गुरुभक्तों द्वारा लाभार्थी परिवार का बहुमान किया गया। इस अवसर पर संघपति श्री संपतराजजी कोठारी, अध्यक्ष श्री गौतमचंद श्रीश्रीमाल, महामंत्री श्री गौतमचंद मुथा, मंत्री श्री महावीर बोहरा, श्री अनिल तातेड़, कोषाध्यक्ष श्री नरेंद्र मांडोत तथा श्री जैन सेवा संघ के अध्यक्ष श्री उमेश बागरेचा सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। अंत में महामंत्री श्री गौतमचंद मुथा ने पधारे हुए सभी महानुभावों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं समाज के गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
यह समाचार नेमिकांतिमणि टीम द्वारा संकलित एवं प्रस्तुत किया गया है।