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श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर (मालवीय रोड) में श्री नवोदय तीर्थ वर्षायोग 2026 के अंतर्गत संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान, अष्टान्हिका पर्व के चतुर्थ दिवस पर प्रभु आदिनाथ जी के समक्ष हुई भव्य शांतिधारा।

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भाग्य और पुरुषार्थ के सामंजस्य से ही प्रशस्त होता है मोक्ष मार्ग : मुनि श्री आगम सागर जी महाराज

रायपुर, 24 जुलाई 2026 - श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड में श्री नवोदय तीर्थ वर्षायोग (चातुर्मास) 2026 के अंतर्गत अष्टान्हिका पर्व के चतुर्थ दिवस पर विविध धार्मिक अनुष्ठानों का भव्य आयोजन हुआ। परम पूज्य मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज ससंघ के पावन सानिध्य में प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

प्रातःकालीन अभिषेक एवं भव्य शांतिधारा प्रातः 8:00 बजे मंदिर जी की मूलनायक भगवान श्री आदिनाथ जी की बेदी के समक्ष श्री जी का अभिषेक एवं भव्य शांतिधारा का आयोजन किया गया। पूज्य मुनि श्री 108 आगम सागर जी महाराज के पावन मुखारविन्द से मंत्रोच्चारण के साथ शांतिधारा का वाचन हुआ। आज की शांतिधारा करने का महान सौभाग्य श्री शिशिर जैन (टैगोर नगर) वाले को प्राप्त हुआ।

श्री नवोदय तीर्थ वर्षायोग 2026 के अध्यक्ष श्री नरेंद्र जैन गुरुकृपा एवं कार्याध्यक्ष श्री संजय नायक जैन ने बताया कि श्री नवोदय तीर्थ पावन वर्षायोग 2026 के दौरान प्रतिदिन प्रातः मूलनायक भगवान आदिनाथ जी के समक्ष मुनि श्री के मुखारविन्द से शांतिधारा एवं अभिषेक का यह पुण्य अवसर जारी रहेगा।

मंगल देशना: भाग्य और पुरुषार्थ का संतुलन ही मोक्ष मार्ग

प्रातः 8:30 बजे आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुनि श्री आगम सागर जी महाराज ने अपनी ओजस्वी वाणी में कहा कि संसार में जिनवाणी का रस प्राप्त होना और उस पर चलना अत्यंत दुर्लभ है। उन्होंने जीवन की गति को समझाते हुए कहा जीवन दो पैरों से नहीं, बल्कि एक-एक कदम से आगे बढ़ता है। मनुष्य का हर पिछला कदम भाग्य है और हर अगला कदम उसका पुरुषार्थहै। यदि आगे और पीछे के कदमों में सही सामंजस्य न हो, तो जीवन की प्रगति रुक जाती है।

मुनि श्री ने कहा कि मनुष्य अपने सतत पुरुषार्थ से सोए हुए भाग्य को भी बदल सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को नित्य नियम से पूजन-अभिषेक करने, मुनि महाराजों की वैयावृत्ति (सेवा) करने और जिनवाणी के स्वाध्याय से अपने आत्मिक पुरुषार्थ को बढ़ाने की प्रेरणा दी।

भक्ति भाव से संपन्न हुई आहारचर्या धर्मोपदेश एवं मंगल देशना के पश्चात श्रद्धालुओं ने पूज्य मुनि श्री ससंघ को भक्तिभावपूर्वक पड़गाहन कर आहार जल कराया। आज का आहार दान श्री संजय दीप्ति जैन सतना वाले,श्री बंशीलाल जी जैन,श्री सुनील,सरिता जैन के यहां समस्त मुनि ससंघ की आहारचर्या अत्यंत हर्षोल्लास एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई।

विशेष उपस्थिति

इस पावन अवसर पर नवोदय तीर्थ वर्षायोग समिति 2026 के सदस्य, बड़ा मंदिर के ट्रस्टीगण, कार्यकारिणी के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में रायपुर शहर के धर्मप्रेमी बंधु उपस्थित रहे।

सूचनादाता - प्रणीत जैन (मीडिया प्रभारी)

श्री नवोदय तीर्थ वर्षायोग (चातुर्मास) समिति 2026

श्री दिगंबर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड, रायपुर (छ.ग.)

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