रायपुर - जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने सम्मेदशिखर के सम्बंध में केन्द्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। लेकिन अभी केवल रोक लगाने के निर्देश दिये गए हैं। जैन समाज की मांग है कि झारखंड राज्य केन्द्र को पर्यटनक्षेत्र से मुक्त रखने व पवित्र तीर्थ क्षेत्र बरकरार रखने का प्रस्ताव भेजे और केन्द्र सरकार पारसनाथ पहाड़ी सम्मेदशिखर को इको सेंसिटिव जोन के स्टेटस को रद्द करे। इसी प्रकार पालितना व गिरनारजी तीर्थाधिराज को भी संरक्षित पवित्र तीर्थ क्षेत्र घोषित करे। कोचर व चोपड़ा ने बताया कि हमारा मानना है कि महामंत्र नवकार में असीम शक्ति निहित है, केन्द्र सरकार द्वारा घोषित निर्णय सदैव लागू रहे व तीर्थाधिराज की पवित्रता बरकरार रखने 6 जनवरी पूनम के दिन पार्श्वनाथ परमात्मा को साक्षी रख 1 करोड़ नवकार जाप किया जावेगा।