रायपुर - राष्ट्रीयस्तर पर श्री अ. भा. साधुमार्गी जैन संघ के 12 अंचलो में छ.ग. अंचल एक अनुठा अंचल है, आचार्य श्री रामेश एवं उपाध्याय प्रवर की अनुपम प्रेरणा एवं उनके आर्शीवाद से संघ की विभिन्न गतिविधियों में छ.ग. अव्वल नंबर पर है, जैसे- पाठशालाएं, समता शाखा, दीक्षाएं संस्कार पाठ्यक्रम समता भवन आदि। आज हम सभी प्रसन्न है उल्लासित है आनंदित है और हम सभी गौरवान्वित भी है। आज संपूर्ण छ.ग. से साधुमार्गी परिवार यहां पर संघीय विकास महत्तम महोत्सव परिचर्चा में पधारे। स्थानीय संघ के सदस्य, युवा संघ, महिला संघ के सदस्यों ने भी इस सभा को गौरवान्वित किया। इस सभा में श्री अखिल भारतीय साधुमार्गी जैन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उनकी पूरी टीम यहां उपस्थित होने से छ.ग. अंचल सम्मेलन मे चार चांद लग गए। इस सभा में पधारे हुए सभी साधुमार्गी परिवार का छ.ग. साधुमार्गी अंचल की ओर से आपका स्वागत अभिनंदन किया गया। स्वागत प्रस्तुती रायपुर समता पाठशाला के नो एंड ग्रो बच्चो द्वारा किया गया। आज के कार्यक्रम का संचालन श्री शांतीलालजी श्रीश्रीमाल एवं प्रदीप बोथरा जी ने किया। स्वागत भाषण छ.ग. साधुमार्गी जैन संघ के छ.ग. उड़ीसा, महाकौशल अंचल के अध्यक्ष श्री अनिल पारख, रायपुर ने दिया। समता युवा संघ रायपुर के द्वारा संचालित समता सेवा केन्द्र की जानकारी श्री विकास धाडीवाल अध्यक्ष समता युवा संघ रायपुर के द्वारा किया गया। आज हमारे इस कार्यक्रम मे श्री राजुजी ढोलकिया, केबिनेट मंत्री, उड़ीसा सरकार उपस्थित थे, उन्होने अपने उद्बोधन में कहां हमे कुछ ऐसा करना चाहिए कि समाज के लोग आगे आ सके एवं बच्चो को आगे बढ़ाने के लिए सामाजिक पाठशाला के संचालन को तीव्र गति से आगे बढ़ाना चाहिए। इसी कम में अखिल भारतीय साधुमार्गी समता युवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुमीतजी बंब ने कहा कि छ.ग की पावर घरा पर 1008 स्व. श्री नानालाल जी म.सा. ने जो धर्मद्वार खोला वह आज भी जारी है। राष्ट्रीय सचिव श्री निश्चल कांकरिया ने बताया कि छ.ग. उड़ीसा अंचल के हर सदस्य मे आचार्य प्रवर 1008 श्री रामलाल जी म.सा. की भक्ति माप कुट कुट के भरी हुई है, साथ ही उन्होंने पूरे संघ को इस दो दिवसीय कार्यक्रम के लिए साधुवाद भी दिया और संघ की भूरि भूरि प्रशंसा की है। दोपहरकालीन कार्यक्रम मे छ.ग. के विभिन्न स्थानों से आए बच्चों के द्वारा संधारा, साधु साध्वीयों के जीवन एवं आचार्य श्री के द्वारा दिए गए आयामी पर नाटकीय बाग से प्रस्तुती की गई। कार्यक्रम की चार चांद लगाए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गौतम रांका जी ने छ.ग. की तारीफ में कहा कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया से अपने उद्बोधन की शुरूआत की तत्पश्चात उन्होने बताया कि बच्चों की प्रस्तुती ने तो सब कुछ ध्यान कर दिया है, और जो कुछ सुनना देखना था, वो महत्तम महोत्सव की प्रदर्शनी ने सब कुछ कह दिया है, आगे अपने उद्बोधन में उन्होंने बताया कि संघ समाज मे किसी का भी निखार करना है तो सर्वप्रथम स्वयं का निखार करना होगा। सिर्फ अपने व्यक्तित्व का विकास करने की बजाए संघ के सभी सदस्यों को आगे बढ़ाने का काम करना होगा। हमें वो आचरण करना होगा जो हम दूसरों से चाहते है, हमे महत्तम महोत्सव पर उपाध्याय प्रवर एवं अन्य संत सतियों ने जो आयाम दिए है उन्हें पूरा करना है। आज जिनशासन की प्रभावना जो बच्चों ने एवं छग के रायपुर संघ ने की वो अदभूत दृश्य था। अंत में आपने बताया कि यह सिर्फ सम्मेलन नहीं है, अपितु हम सब यहां से कुछ न कुछ सीख के जा रहे है।