आदिपुरुष फ़िल्म धार्मिक भावनाओं को आहत करती है, जैन संवेदना ट्रस्ट ने की बैन करने की मांग।
छत्तीसगढ़ के भाँचा श्रीराम के अपमान को नही सहेगा छत्तीसगढ़िया।
रायपुर - हाल ही में प्रदर्शित फ़िल्म आदिपुरुष में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम व श्री हनुमानजी के आपत्तिजनक दृश्यों व संवादों के विरोध स्वरूप पूरे भारत में फ़िल्म पर प्रतिबंध की मांग से संबंधित पत्र आज जैन संवेदना ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री को प्रेषित किया।
जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि भारत की जनता के आराध्य श्रीराम व हनुमानजी के संवाद, दृश्य अत्यधिक हल्के स्तर से प्रस्तुत किये गए हैं, ऐसी भाषा उनके मुखारविंद से शोभा नही देती, यह सब अपमानजनक प्रस्तुतिकरण है, इसे भारत देश में बर्दाश्त नही किया जा सकता, आदिपुरुष के निर्माता, निर्देशक, लेखक व डिस्ट्रीब्यूटर पर कानून सम्मत कार्यवाही की मांग की गई है।

महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने कहा कि फ़िल्म में श्री राम, हनुमानजी व रावण के किरदार से खिलवाड़ किया गया है, फ़िल्म में डायलॉग स्तरहीन हैं, आस्थावान श्रद्धालुओं से आदिपुरुष फ़िल्म के बहिष्कार की अपील करते हैं।
प्रधानमंत्री को प्रेषित पत्र में जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने फ़िल्म सेंसर बोर्ड को भंग कर कड़ी कार्यवाही की मांग की है। क्योंकि सेंसर बोर्ड ने आंख मूंदकर इस प्रकार की फ़िल्म को प्रदर्शन की अनुमति दी और भारत की जनभावनाओं से खिलवाड़ किया है।
जैन संवेदना ट्रस्ट के महेन्द्र कोचर व विजय चोपड़ा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल से मांग की है, कि यह छत्तीसगढ़ के भाँचा श्रीराम का प्रदेश है, यहां की जनता श्रीराम व बजरंगबली का अपमान सहन नही करेगी, ट्रस्ट ने शीघ्र छत्तीसगढ़ में आदिपुरुष फ़िल्म को बैन करने की मांग रखी है।