कवर्धा : - 09-02-25 पूज्य आचार्य 1008 श्री रामलाल जी महाराज साहब के उत्कृष्ट संयम जीवन के देदिप्यमान 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जैन स्थानक भवन में समता शाखा आयोजित की गई। इसमें साधुमार्गी जैन संघ के बहुतायत श्रावक श्राविकाओ ने भाग लिया। महामंत्र नवकार जाप, आचार्य नानेश द्वारा प्रदत्त नव सूत्र, मेरी भावना, रामेश चालीसा, संघ समर्पणा गायन के बाद साधुमार्गी महिला संघ अध्यक्ष लता बोथरा ने आचार्य श्री के गुणो का बखान करते हुए कहा की उनसे पचक्खान लेने से सरलता से तपाराधना हो जाती है। श्रद्धा समर्पणा से अनेक समस्याओं का त्वरित हल हो जाता है। राम नाम से पत्थर भी तिर जाते हैं। अतः हमें समर्पण भाव बनाए रखना है। पूजा श्री श्रीमाल ने अपने उदगार व्यक्त करते हुए कहा की "जयचंद" ने आज के ही दिन माघ सुदी बारस को अपना सर्वस्व नाना गुरु के चरणों में समर्पित हो राम मुनि नामकरण पाया था। नाना ने हमें राम दिया, सौ बार शुक्रिया शुक्रिया सुंदर गायन आर्या श्रीश्रीमाल ने प्रस्तुत किया। अवधि, आर्या, धानी, मीमांसा, अनन्या ने भगवन मुझे बनाना परमात्मा समूह गान प्रस्तुत किया। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ अध्यक्ष नेमीचंद श्रीश्रीमाल ने "मेरे प्राणों के आधार, वंदन हो बारंबार" भजन से अपनी श्रद्धा व्यक्त की। मंत्री गेन्दमल मोदी ने महत्तम महोत्सव के समापन दिवस पर आचार्य श्री के संघ समाज के प्रति अनन्य उपकारों को याद किया। सुश्रावक दिनेश श्रीश्रीमाल के बुलंद नारो ने कार्यक्रम में जोश भरा।
आचार्य सम्राट 1008 डा. शिव मुनि जी महाराज साहब के आज्ञानुवर्ती आगम ज्ञाता, प्रज्ञा महर्षि, नव तत्व विशेषज्ञ पू. उदय मुनि जी महाराज साहब का देवलोक गमन नई दिल्ली में होने का समाचार ज्ञात होने पर चार लोगस्स का ध्यान के साथ उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।