रायपुर - आध्यात्म सार ग्रंथ का पठन करते हुए रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शुक्रवार को साध्वी मंजुलाश्रीजी म.सा. ने कहा कि ‘राखी’ शब्द ‘रक्षा’ से बना है और शास्त्रों में इसका अर्थ केवल किसी की रक्षा करना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों का पालन करना भी बताया गया है। इसलिए रक्षाबंधन हमें अपने रिश्तों के साथ जिम्मेदारियों को समझने का अवसर देता है।
उन्होंने कहा कि भाई का अर्थ केवल खून का रिश्ता नहीं है। भाई वह है जो हमें सुहाए, जो हमें भाए और जो हमारे सुख-दुख में साथ खड़ा रहे। भाई-बहन का रिश्ता प्रेम, विश्वास और अपनत्व का रिश्ता है। जीवन में वस्तुएं पुरानी हो सकती हैं, लेकिन रिश्तों का प्रेम और अपनापन हमेशा बना रहना चाहिए।
साध्वीजी ने कहा कि राखी केवल भाई की कलाई पर ही नहीं, बल्कि जीवन के हर द्वार पर बांधने का भाव होना चाहिए। घर के दरवाजे की कुंडी से लेकर अलमारी, सोफा, कुर्सी और टेबल तक राखी बांधने का भाव यही है कि हमारे घर और जीवन में असदाचार, विकार, बुरे विचार और नकारात्मकता प्रवेश न करें।
उन्होंने कहा कि असली रक्षाबंधन तब होगा, जब हम अपने मन की रक्षा करेंगे। क्रोध, अहंकार, लोभ, राग-द्वेष और बुरे विचारों से स्वयं को बचाना ही आत्मरक्षा है। बाहर की सुरक्षा के साथ भीतर के विकारों से सुरक्षा भी जरूरी है।
साध्वी मंजुलाश्रीजी म.सा. ने परमात्म भक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि भक्ति ऐसी होनी चाहिए, जिससे परमात्मा के गुण हमारे भीतर आएं और हमारे दुर्गुण दूर हों। केवल परमात्मा का नाम लेने से जीवन नहीं बदलेगा, बल्कि उनके गुणों और आज्ञा को जीवन में उतारना होगा। जैसे भ्रमर एक ही धुन में रमा रहता है, वैसे ही हमें भी परमात्मा के नाम और गुणों के स्मरण में रमकर अपने जीवन में परिवर्तन लाना चाहिए।
इस अवसर पर श्री ऋषभदेव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय कांकरिया, कार्यकारी अध्यक्ष अभय कुमार भंसाली, ट्रस्टी नरेश बैदसुथा, राजेन्द्र गोलछा एवं उज्ज्वल झाबक सहित आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास समिति-2026 के अध्यक्ष, महासचिव मुकेश निमाणी एवं कोषाध्यक्ष चिंतन मालू उपस्थित रहे।
साध्वीजी ने कहा कि जब परमात्मा की आज्ञा हमारे जीवन का आधार बनती है, तब जीवन सही दिशा में आगे बढ़ता है। यही सच्ची भक्ति, सच्ची रक्षा और आत्मकल्याण का मार्ग है।
51 दिवसीय परमात्म भक्ति में आज भजन और आराधना का विशेष आयोजन
श्री जिनकुशल सूरी दादाबाड़ी, एम.जी. रोड रायपुर में आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के अंतर्गत 51 दिवसीय परमात्म भक्ति का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 27 अगस्त 2026 को रात्रि 8 बजे से 10:30 बजे तक विशेष परमात्म भक्ति का आयोजन रखा गया।
कार्यक्रम परम पूज्य कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका प्रवर्तिनी महोदया निपुणाश्रीजी म.सा. की विदुषी शिष्या, प्रवचन प्रभाविका परम पूज्य गुरुश्री मंजुलाश्रीजी म.सा. के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ।
परमात्म भक्ति के दौरान भजन गायक हिमांशु बुरड़ ने भजनों की प्रस्तुति दी। अंकिता गोलछा एवं मयूरी गोलछा भी आयोजन से जुड़ी रहीं। भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं ने परमात्मा की आराधना और भक्ति का लाभ लिया
परमात्म भक्ति के लाभार्थी परिवार के रूप में श्री पद्म चंद जी एवं कमल जी, अनिल जी गोलछा, श्री अनुराग एवं रमेश गोलछा, रायपुर का नाम शामिल रहा। भक्ति के पश्चात आरती का लाभ लाभार्थी परिवार द्वारा लिया गया।