जहाज मंदिर मंडलवा - पूज्य गुरुदेव खरतरगच्छाधिपति आचार्यश्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा लम्बा विहार कर सांचोर होते हुए ता. 17 जनवरी को चितलवाना नगर में प्रवेश किया। श्री बाबुलालजी सौ. पंखी देवी के त्रि दिवसीय जीवित महोत्सव के आयोजन के पश्चात् श्रीमती शान्ति देवी जुगराजजी पंचाणमलजी मरडिया परिवार द्वारा आयोजित छह री पालित संघ का प्रयाण ता. 20 जनवरी को हुआ। जो 30 जनवरी को जीरावला तीर्थ में प्रवेश करेगा। ता. 31 जनवरी को संघपति माला विधान संपन्न होगा।
पूज्यश्री के कार्यक्रम में थोडा परिवर्तन हुआ। पूज्यश्री ता. । फरवरी को जीरावला से विहार कर जहाज मंदिर पधारेंगे। जहाँ सरवाड कंकडी से श्री नितेशकुमारजी कुमट 400 व्यक्तियों का एक गुरुदर्शन यात्रा संघ लेकर ता. 6 फरवरी को पधारेंगे। वहाँ से 6 फरवरी को शाम को विहार कर जीवाणा, सिणधरी होते हुए ता. 11 फरवरी को बाडमेर में प्रवेश करेंगे। वहाँ ता. 16 फरवरी को श्री बाबुलालजी नेमीचंदजी जीवणमलजी छाजेड द्वारा स्वद्रव्य से निर्मित श्री मुनिसुव्रतस्वामी जिन मंदिर व दादावाडी का अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव व 5 मुमुक्षुओं का दीक्षा समारोह संपन्न होगा।
समारोह का प्रारंभ ता. 12 फरवरी से होगा। ता. 15 फरवरी को भव्य शोभायात्रा का आयोजन होगा। दीक्षाएँ कुशल वाटिका में होगी। वहाँ से विहार कर पूज्यश्री बाछडाऊ पधारेंगे, जहाँ उनको निश्रा में श्री विमलनाथ मंदिर का प्रतिष्ठा महोत्सव ता. 23 फरवरी को संपन्न होगा।
वहाँ से विहार कर पूज्यश्री चौहटन पधारेंगे, जहां 3 मार्च को श्री रमेशकुमारजी नितिनकुमारजी सेठिया परिवार द्वारा स्वद्रव्य से निर्मित श्री आदिनाथ जिन मंदिर का अंजनशलाका प्रतिष्ठा व 2 भागवती दीक्षाएं संपन्न होगी।
वहाँ से विहार कर पूज्यश्री पुनः बाडमेर पधारेंगे, जहाँ ता. 9 मार्च को दो मुमुक्षुओं की दीक्षा संपन्न होगी। वहाँ से विहार कर पूज्यश्री मोकलसर पधारेंगे, जहाँ उनको निश्रा में 24 मार्च को भागवती दीक्षा संपन्न होगी। तत्पश्चात् पूज्यश्री जहाज मंदिर पधारेंगे।