रोज बढ़ते पेट्रोल डीजल के दाम और बढ़ती महंगाई के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई का मूल कारण मोदी सरकार की मुनाफाखोरी की नीति है। देश की जनता को महंगाई से राहत दिलाने के बजाय मोदी सरकार बढ़ती महंगाई के लिए यूक्रेन और रूस के युद्ध को जिम्मेदार ठहराकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। और हमेशा की तरह ही बढ़ती महंगाई का ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ रही है। मोदी सरकार के मुनाफाखोरी की नीतियों के चलते सरसों, तेल, शक्कर, चायपत्ती, मिर्ची, हल्दी, जूता-चप्पल, कापी-पुस्तक, टायरट्यूब, ऑयल, ग्रीस, दवाइयां, पोषक आहार, कृषि यंत्र, रसायनिक खाद, दूध, पशु आहार पशुओं की दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोटर गाड़ी एवं यात्री भाड़े टोल टैक्स में वृद्धि हुई है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने कहा ने बढ़ती महंगाई पर मौन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह एवं राज्यसभा सांसद सरोज पांडे पर तंज कसते हुए कहा कि रमन सिंह आप से जनता पूछ रही है, की मुख्यमंत्री रहते सायकल चलाकर 68 रु लीटर के पेट्रोल को महंगा बताकर विरोध करने वाले रमन सिंह सत्ता जाने के बाद पेट्रोल खरीदना बंद कर दिये क्या? या बढ़ती महंगाई से सुधबुध खो दिये है? या कहीं डर है पेट्रोल डीजल के महंगे दामों के विरोध में अब सायकल चलाएंगे तो मोदी शाह आपकी राजनीतिक सायकल को ही पंचर कर देंगे? सरोज दीदी यूपीए सरकार के दौरन 410 रु में मिलने वाला रसोई गैस 1050 रु में मिल रहा है, आप कहाँ है हमारी गृहणी बहने आपको याद कर रही है? आलू प्याज की माला और रसोई गैस की खाली टँकी लेकर आपका इंतजार कर रही है, कि अब आप उनके साथ महंगाई का विरोध करने सड़को पर उतरेंगी। जब यूपीए की सरकार थी तब 410रु में रसोई गैस के सिलेंडर और 68रु लीटर में पेट्रोल और 48रु लीटर में डीजल मिलता था, तब भाजपा के नेता इसे महंगा बताकर महंगाई डायन बताते थे, आज पेट्रोल-डीजल 100 रु से अधिक कीमत में और रसोई गैस 1050रु में जनता खरीद रही है तब भाजपा के नेता महंगाई को रशियन बता कर पलड़ा झाड़ रहे है। शर्मा ने कहा कि यूपीए सरकार के समय अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत 144 डॉलर था, उस समय पेट्रोल में 9 रु प्रति लीटर डीजल में 3रु के लगभग एक्साइज ड्यूटी लिया जाता था, तब भी आमजनता को पेट्रोल 68 रु डीजल 48 रु और रसोई गैस 410 रु में मिलते थे, जो 2014 के बाद 38 डॉलर हो गया था, तब भी देश की जनता को मोदी सरकार की मुनाफाखोरी के चलते सबसे महंगे कीमत में पेट्रोल डीजल रसोई गैस खरीदना पड़ा था, आज 8 साल बाद क्रूड ऑयल की कीमत 110 डॉलर के करीब है, तब भी देश की जनता को 2014 के पहले के मुकाबले महंगे दरों में डीजल पेट्रोल मिल रहा है, मोदी सरकार के द्वारा पेट्रोल डीजल से वसूली जा रही मनमाना एक्साइज ड्यूटी के चलते ही देश में महंगाई विकराल रूप ले रही है।