May 30, 2022


कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला कबीरधाम द्वारा महंगाई भत्ता एवं अन्य मांगों के लिए अतिरिक्त कलेक्टर को मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

कवर्धा। छत्तीसगढ़ शासन के राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता कोरोना काल के समय से केंद्र की अपेक्षा आधा था, जिसे वर्तमान में ऊंट के मुंह में जीरा के समान 5% प्रतिशत महंगाई भत्ता की घोषणा की गई थी, जिससे समस्त राज्य के कर्मचारी अधिकारी में असंतोष है, भत्ता को लेकर आज कबीरधाम जिला के कर्मचारी अधिकारी मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें मुख्य मांग केंद्र के समान वर्तमान में 34% महंगाई बता दिया जा रहा है, किंतु राज्य के कर्मचारियों को पिछले 2 वर्षों से महंगाई भत्ता से वंचित रखा गया, जबकि राज्य के मंत्रियों द्वारा इस बात का दंभ भरा जाता है, कि राज्य की आर्थिक स्थिति अच्छी है, अन्य विकास कार्य तो हो रहे हैं, किंतु कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने के लिए राज्य के पास पैसे नहीं है, 34% के विरुद्ध राज्य में 17% महंगाई भत्ता दिया जा रहा था, जिसे वर्तमान में 5% बढ़ाकर 22% किया गया है, वर्तमान में राज्य सरकार के कर्मचारी 12% महंगाई भत्ता से वंचित है, जिसमें प्रत्येक कर्मचारी को कम से कम प्रति माह 5000 से 10,000 की प्रतिमा आर्थिक नुकसान हो रही है, जिसे लेकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा कलम रख मशाल उठा के तहत आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। जिसमें प्रथम चरण में 30 मई को महंगाई भत्ता स्वीकृत करने के लिए मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा गया, ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से संयोजक आनंद तिवारी, प्रताप चंद्रवंशी, प्रमोद शुक्ला, मनीष जॉय, संतोष सोनी, राकेश धावलकर, निर्मल साहू, बालेश्वर सिंह, संतोष साहू, व्यास नारायण तिवारी, सुभान अली हाशमी, शौकत अली, रामानुज वर्मा, श्रीमती रातरानी, केशव साहू, शिवकुमार साहू, हेमंत साहू, छोटू राम वर्मा, शिव कुमार सिन्हा, पीयूष ठाकुर, राम रूप कौशिक, रवि चंद्रवंशी, दिलीप चंद्रवंशी, विनोद शर्मा, अशोक वर्मा, श्रीमती रेखा सहारे आदि कर्मचारी नेता ज्ञापन सौंपने मुख्य रूप से शामिल थे।

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