रायपुर। राज्य के वरिष्ठ मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने पंचायत विभाग छोड़ दिया है। बाकी विभागों में वे यथावत काम करते रहेंगे। लेकिन खबर आ रही है कि पंचायत विभाग उन्होने इसलिए छोड़ा है, कि क्योकि पिछले दिनों मनरेगाकर्मियो की हड़ताल से हुए भारी-भरकम नुकसान के चलते वे काफी नाराज थे, और हडतालियों पर कार्रवाई चाह रहे थे लेकिन ऐसा नहीं हुआ, उल्टे एक अन्य मंत्री की मध्यस्थता से हड़ताल खत्म करवाया गया, बीते दिनों बड़ी संख्या में APO पर कार्रवाई की गई थी, जिसके बाद से पंचायत मंत्री सिंहदेव खफा थे, अभी तक सिंहदेव ने खुद इसकी पुष्टि नहीं की है, और न ही किसी शासकीय तौर पर इसकी पुष्टि हुई है। लेकिन कुछ सूत्रों ने कहा है कि यह सही हैं। वहीं इसे मंत्री का इस्तीफा नहीं कहा जा सकता, केवल एक विभाग छोड़ा है। मतलब मंत्रिमंडल में वे अभी भी बने हैं। ऐसा पहले भी हुआ है कि कुछ मंत्री कुछ कारणों का उल्लेख करते हुए विभाग छोड़े हैं। विभाग का आवंटन मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार के दायरे में आता है। सिंहदेव के पास अब लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीससूत्रीय, वाणिज्यिक कर (जीएसटी) का प्रभार हैं।

पत्र के अनुसार -
1 - पिछले 3.5 सालों में करीब 8 लाख आवास बनने थे पर दुर्भाग्य की बात है कि हमारी सरकार ने एक भी ग्रामीण लोगो को घर नही दिया। 2 - मंत्री पद पर आसीन रहते हुए विकास कार्यो की स्वीकृती पावर को छीनना। 3 - पेशा कानून लागू करते समय भारसाधक मंत्री के रूप में मुझसे न पूछना। 4 - जन घोषणा पत्र के अनुसार कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों को ठगना। 5 - एक साजिश के तहत मनरेगा कर्मचारियों को हड़ताल करवाना, 1250 करोड़ की मजदूरी राशि को मजदूरों तक न पहुचने देना।