नगपुरा तीर्थ - आज श्री उवसग्गहरं पार्श्व तीर्थ नगपुरा में दि २ अगस्त मंगलवार श्रावण सुद ५ को करुणा अवतारी तीर्थंकर श्री नेमिनाथ प्रभु जन्मकल्याणक एवं तीर्थोपकारीकविकुलकिरीट, व्याख्यानवाचस्पति पूज्यपाद सूरिदेवश्रीमद्विजय लब्धिसूरीश्वरजी म.सा. की पुण्यतिथि निमित्ते गुणानुवाद सभा आयोजित हुई, इस अवसर पर तीर्थ के अध्यक्ष श्री गजराज पगारिया, मैंनेजिंग ट्रस्टी श्री पुखराज दुग्गड, वरिष्ठ ट्रस्टी श्री भीखमचंद कोठारी ने तीर्थ परिसर में प्रतिष्ठित श्री नेमिनाथ प्रभु एवं श्री लब्धिसूरीजी म.सा. की अष्टप्रकारी पूजन किया।
आरोग्यम् सभागृह में दुर्ग जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती शालिनी रिवेन्द्र यादव के मुख्य आतिथ्य एवं श्री भूपेन्द्र रिगरी संरपंच नगपुरा की अध्यक्षता में वर्धमान गुरुकुल द्वारा गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया, गुणानुवाद सभा में विद्यार्थियों ने पूज्य गुरुदेव श्री लब्धिसूरीजी रचित " रैवतगिरी ना वासी जिन ने करोड़ों प्रणाम- तू चेत मुसाफिर चेत जरा -जनारू जाय छे जीवन " जैसे स्तवनो से श्रद्धासुमन अर्पित किए! श्रद्धा सुमन समर्पित करते हुए गुरुकुल के सचिव संतोष यादव ने कहा कि पूज्य जैनाचार्य श्री लब्धिसूरीजी दादा मुनि अवस्था से हाट-बाजार चौक-चौराहे पर खड़े खड़े जाहिर प्रवचन देते थे, लाखों जैन जैनेत्तर धर्म प्रेमीयो आपके प्रवचन के प्रभाव से मांसाहार, व्यसन आदि का त्याग कर जीवन को धन्य बनाया, आप महानकवि थे, आपके द्वारा लिखित स्तवन, सझाय, जीवन के लिए प्रेरणास्पद गीत आज भी सुप्रसिद्ध और लाखों लोगों द्वारा गाया जाता हैं, राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन, सर्वपल्ली डा राधाकृष्णन आपके विद्वता के कायल थे, प्राकृत, संस्कृत भाषा में चर्चा करने, प्रवचन देने में आपको दक्षता हासिल था, आज भी आपके समुदाय में अनेको साधु साध्वीजी आशुकवि है, आपके प्रशिष्य श्री उवसग्गहरं तीर्थ के प्रतिष्ठाचार्य गीतार्थ गच्छाधिपति प. पू. आचार्य देव श्री राजयश सूरीश्वरजी म. सा.के फरमाते है, कि लब्धि गुरुदेव का नाम अपने आप में मंत्र है, गुरूदेव के नाम स्मरण मात्र से बड़ी से बड़ी समस्या का सहज समाधान मिल जाता है,,, सभा का संचालन शिक्षक विजय सेठ ने किया, अतिथियो को स्मृतिचिन्ह भेटकर सम्मानित किया गया, आज के प्रसंग निमित्त धमतरी के श्रावक श्री प्रमोद भाई लालचंद शाह की ओर से साधर्मिकभक्त का लाभ लिया गया है, गुणानुवाद सभा में उडीसा, जबलपुर, मुम्बई, रायपुर, रायगढ़, नागपुर, दुर्ग, जगदलपुर, भिलाई से आये आरोग्यम साधकों, गुरुकुल के शिक्षकों, विद्यार्थियों सहित नगपुरा के जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
