पंडरिया – नगर पंचायत पंडरिया में कांग्रेस पार्टी की कमजोरी के चलते पार्टी के 12 पार्षद के रहते बीजेपी के 3 पार्षद वाले नगर पंचायत पंडरिया में अभी भी बीजेपी के पार्षद उपाध्यक्ष पद पर बने हुए हैं। इसे कांग्रेस् की कमजोरी कहा जाए या आपसी अंतर्कलह, जिसके कारण 3 पार्षद वाले नगर पंचायत पंडरिया मैं बीजेपी को उपाध्यक्ष पद का ताज मिला हुआ है, कांग्रेसीयो में यदि आपसी सामंजस्य होता तो उपाध्यक्ष की सीट पर भी कांग्रेस का ही कब्जा होता, लेकिन यहां पर कांग्रेस में अंतर्कलह खुलकर सामने आ रही है, जिसके कारण कांग्रेस के 12 पार्षद रहते हुए भी उपाध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी क्यों नही ला पा रही है, कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की कमजोरी के कारण ही नगर का विकास वैसे ही ढप् पड़ा हुआ है।
ज्ञात हो कि नगर पंचायत चुनाव के बाद, कांग्रेस को सात बीजेपी को तीन और शेष सीटें जोगी कांग्रेस को मिली थी। एक कांग्रेस पार्षद के भीतरघात् के कारण ही अध्यक्ष का पद जोगी कांग्रेस के प्रत्याशी को मिल गया था, और बहती गंगा में हाथ धोने के समान उपाध्यक्ष का पद बीजेपी के पार्षद की झोली में चला गया, लेकिन बाद में जोगी कांग्रेस के सभी पार्षदों ने कांग्रेस प्रवेश कर लिया। वर्तमान में देखा जाए तो 12 पार्षद कांग्रेस के हैं, शेष 3 पार्षद बीजेपी के, फिर भी आपसी अंतर्कलह के कारण कांग्रेस उपाध्यक्ष का पद बीजेपी के हाथों से वापस नहीं लेना चाहती, जबकि आज देखा जाए तो नगर पंचायत में पूर्ण बहुमत के साथ कांग्रेस का बोलबाला है।