लोगों की भावना - भावना के साथ, नीलकंठ हो रहा विलुप्त।
वरिष्ठ पत्रकार रामकुमार टंडन की रिपोर्ट
पंडरिया - विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक होते जा रही हैं, जनता अपने मनपसंद प्रत्याशी को वोट देने की बात खुलकर कहने लगे हैं।
भावना बोहरा भाजपा की प्रत्याशी है सर्वविदित है किन्तु लोगों मे एक समाजसेविका के रूप मे बहुत अच्छी पहचान बना चुकी है। पहली बार आई राजनीति में जिला पंचायत सदस्य के रूप में किन्तु कुछ वर्षों से एक लक्ष्य बनाकर क्षेत्र में काम करती रही हैं। जिन्हे हम वानंचल क्षेत्र कहते हैं, जहां बैगा आदिवासियों का निवास है जहाँ शिक्षा भी काम है, ऐसे दुर्गम स्थान मे उनके बिच पहुंचकर दिल में जगह बना रखी हैं। समय समय पर सुखदुख जानने स्वास्थ्य बिजली पानी और दैनिक जीवन में होने वाली कठिनाइयों को नजदिक से जानने का प्रयास करती रही हैं। आज उसी का परिणाम है की बहुत कम समय में क्षेत्रीय जनता भावना को जानने लगी है, और खुलाकर अपनी पहली पसंद भावना बोहरा को बताने लग गई है।
हमने खबर छत्तीसगढ़ 24 के माध्यम वानंचल के लोगों से उनकी भावना जाननी चाही, तो अपनी मन का उदगार कहते हुए बताया की हमारी भावना भावनाबोहरा की ओर है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी नीलकंठ चंद्रवशी के सबंध मे जाना चाहा तो कुछ लोग मजाकिया तौर पर कहने लगे आजकल टेहर्रा दिखाई नही देता है, यानी की इस पक्षी की पहचान दशहरा पर राजा के रूप में होता है जो विलुप्त सा हो गया है। मतलब कांग्रेस प्रत्याशी की हालत अभी खराब चल रही है।
सही मायने में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के गांव घोरेवारा निवासी नीलकंठ चंद्रवशी की पत्नी दोबारा से जिला पंचायत सदस्य हैं, स्वयं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भी रहे हैं, पर जनता के बिच पॉपुलर नही हैं। प्रदेश मे कांग्रेस पार्टी की सरकार है। काम काज के दृष्टिकोण से नीलू शून्य हैं। जिलाध्यक्ष बनने के पहले छोटा मोटा ठेकेदारी भी किया है। आज विधानसभा प्रत्याशी के रूप में समाने हैं, किन्तु भावना बोहरा के लोकप्रियता के समाने कमजोर नजर आने लगे हैं।
अभी चुनाव अपने शबाब पर नही आया है। नामनिर्देशन पत्र वापसी चुनाव चिन्ह आबंटन के बाद परवान चढ़ेगा। अभी वोटिंग होने मे 16 दिन बांकी है, पर प्रथम प्रदर्शन शुरुवाती दौर में जनता के बिच जो चर्चा निकलकर समाने आ रही है, उसमें भाजपा प्रत्याशी कांग्रेस प्रत्याशी से मजबूत दिखाई दे रहा है। बहरहाल अभी ये देखना बांकी है की पंडरिया विधानसभा का चुनावी ऊंट आगे किस करवट बैठता है।